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Jagannath Puri Rath Yatra 2021: पुरी में दूसरी बार श्रद्धालुओं के बिना आज निकलेगी रथ यात्रा, कर्फ्यू लागू

भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा
– फोटो : पीटीआई

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पुरी में लगातार दूसरी बार बिना श्रद्धालुओं की उपस्थिति के भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकालने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने रविवार रात आठ बजे से दो दिन के लिए कर्फ्यू लागू कर दिया। पवित्र रथों को सोमवार अपराह्न तीन बजे रवाना किया जाएगा। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

प्रशासन ने श्री जगन्नाथ मंदिर से श्री गुंडिचा मंदिर के बीच तीन किलोमीटर लंबे ग्रांड रोड पर प्रतिबंध लागू किया है जहां चिकित्सा आपातकाल के अलावा अन्य सभी गतिविधियों पर रोक रहेगी। कोविड महामारी के वर्तमान हालात के मद्देनजर इस वार्षिक धार्मिक आयोजन के सहज संचालन के लिए कम से कम 65 दस्तों की तैनाती की गई है। प्रत्येक दस्ते में 30 जवान शामिल हैं।

पुरी के जिलाधिकारी समर्थ वर्मा ने कहा कि लोगों से अपील की गई है कि वे कर्फ्यू की अवधि के दौरान रविवार आठ बजे से मंगलवार रात आठ बजे तक घरों से नहीं निकलें और ग्रांड रोड पर भीड़ एकत्र नहीं करें। उन्होंने कहा कि लोग अपने टीवी पर इस उत्सव का आनंद ले सकते हैं और सरकार ने इस बाबत प्रबंध किए हैं।

बता दें, जगन्नाथ रथ यात्रा सोमवार यानी आज से प्रारंभ हो रही है जिसका समापन 20 जुलाई को देवशयनी एकादशी के दिन होगा। हालांकि पिछले साल की तरह इस साल भी कोरोना गाइडलाइंस के चलते लाखों की संख्या में श्रद्धालु रथ यात्रा में भाग नहीं ले सकेंगे।

भगवान जगन्नाथ जी के स्मरण में निकाली जाने वाली जगन्नाथ यात्रा हिन्दू धर्म का बेहद प्रसिद्ध त्योहार है। हर साल पुरी (उड़ीसा) में जगन्नाथ रथ यात्रा का विशाल आयोजन होता है। 

जगन्नाथ रथ यात्रा दस दिन तक चलती है
हिन्दू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को ही भव्य उत्साह के साथ जगन्नाथ रथ यात्रा निकाले जाने का विधान है। इस वर्ष 2021 में यह पावन यात्रा 12 जुलाई, सोमवार से आरंभ होगी और इसका समापन 20 जुलाई, मंगलवार को देवशयनी एकादशी के पर्व के साथ ही पूरे विधि-विधान अनुसार किया जाएगा।हालांकि इस दौरान भगवान की यात्रा के लिए रथ बनाने के कार्य का आरंभ अक्षय तृतीया यानी 15 मई 2021 से ही चल रहा है। भगवान जगन्नाथ की ये यात्रा लगभग दस दिनों तक चलती है, जिसमें प्रथम दिन भगवान जगन्नाथ को गुंडिचा माता के मंदिर लेकर जाया जाता है।

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पुरी में लगातार दूसरी बार बिना श्रद्धालुओं की उपस्थिति के भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकालने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने रविवार रात आठ बजे से दो दिन के लिए कर्फ्यू लागू कर दिया। पवित्र रथों को सोमवार अपराह्न तीन बजे रवाना किया जाएगा। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

प्रशासन ने श्री जगन्नाथ मंदिर से श्री गुंडिचा मंदिर के बीच तीन किलोमीटर लंबे ग्रांड रोड पर प्रतिबंध लागू किया है जहां चिकित्सा आपातकाल के अलावा अन्य सभी गतिविधियों पर रोक रहेगी। कोविड महामारी के वर्तमान हालात के मद्देनजर इस वार्षिक धार्मिक आयोजन के सहज संचालन के लिए कम से कम 65 दस्तों की तैनाती की गई है। प्रत्येक दस्ते में 30 जवान शामिल हैं।

पुरी के जिलाधिकारी समर्थ वर्मा ने कहा कि लोगों से अपील की गई है कि वे कर्फ्यू की अवधि के दौरान रविवार आठ बजे से मंगलवार रात आठ बजे तक घरों से नहीं निकलें और ग्रांड रोड पर भीड़ एकत्र नहीं करें। उन्होंने कहा कि लोग अपने टीवी पर इस उत्सव का आनंद ले सकते हैं और सरकार ने इस बाबत प्रबंध किए हैं।

बता दें, जगन्नाथ रथ यात्रा सोमवार यानी आज से प्रारंभ हो रही है जिसका समापन 20 जुलाई को देवशयनी एकादशी के दिन होगा। हालांकि पिछले साल की तरह इस साल भी कोरोना गाइडलाइंस के चलते लाखों की संख्या में श्रद्धालु रथ यात्रा में भाग नहीं ले सकेंगे।

भगवान जगन्नाथ जी के स्मरण में निकाली जाने वाली जगन्नाथ यात्रा हिन्दू धर्म का बेहद प्रसिद्ध त्योहार है। हर साल पुरी (उड़ीसा) में जगन्नाथ रथ यात्रा का विशाल आयोजन होता है। 

जगन्नाथ रथ यात्रा दस दिन तक चलती है

हिन्दू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को ही भव्य उत्साह के साथ जगन्नाथ रथ यात्रा निकाले जाने का विधान है। इस वर्ष 2021 में यह पावन यात्रा 12 जुलाई, सोमवार से आरंभ होगी और इसका समापन 20 जुलाई, मंगलवार को देवशयनी एकादशी के पर्व के साथ ही पूरे विधि-विधान अनुसार किया जाएगा।हालांकि इस दौरान भगवान की यात्रा के लिए रथ बनाने के कार्य का आरंभ अक्षय तृतीया यानी 15 मई 2021 से ही चल रहा है। भगवान जगन्नाथ की ये यात्रा लगभग दस दिनों तक चलती है, जिसमें प्रथम दिन भगवान जगन्नाथ को गुंडिचा माता के मंदिर लेकर जाया जाता है।


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