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ब्लॉक प्रमुख चुनाव : यूपी में बवाल और गोलीबारी के बीच भाजपा ने जीतीं 648 सीटें, 17 जिलों में जमकर उपद्रव

पंचायत के बाद अब ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भी भाजपा ने अपना दबदबा कायम कर लिया है। शनिवार को बवाल, तोड़फोड़ और हिंसा के बीच संपन्न हुए चुनाव में भाजपा ने 825 में से 648 सीटों पर जीत का दावा किया है। इनमें 334 पहले ही निर्विरोध चुने गए थे। 476 पदों के लिए शनिवार को मतदान हुआ। सपा ने 100 से अधिक सीटें जीतने का दावा किया है। निर्दलीयों ने भी 70 से अधिक सीटों पर कब्जा जमाया है।

इससे पहले कई जिलों में बवाल, तोड़फोड़ और फायरिंग हुई, जिसमें दर्जन भर लोग घायल हुए हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इटावा में एसपी सिटी को भाजपाई ने थप्पड़ मारा। वहीं, उन्नाव में पत्रकार को सीडीओ ने दौड़ाकर पीटा। औरैया के अछल्दा ब्लॉक में एसडीएम ने लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर कर्मचारी को थप्पड़ मार दिया। कानपुर देहात में चुनावी मैदान में खडे़ दो पक्षों के बीच 50 राउंड गोलियां चलीं। वहीं, प्रतापगढ़ में फर्जी वोटिंग का आरोप लगाकर सपाइयों ने पुलिस को दौड़ा लिया। बाराबंकी में तो भाजपाई आपस में ही भिड़ गए।

योगी सरकार की नीतियों और योजनाओं की जीत : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा को मिली जीत योगी सरकार की नीतियों और जनहित की योजनाओं की जीत है। पीएम मोदी ने शनिवार शाम ट्वीट कर कहा कि उत्तर प्रदेश में ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भी भाजपा अपना परचम लहराया है। योगी आदित्यनाथ सरकार की नीतियों और जनहित की योजनाओं से जनता को लाभ मिला है वो पार्टी की भारी जीत में परिलक्षित हुआ है। क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा को मिली जीत पर कार्यकर्ताओं को भी बधाई दी है।

इटावा : पुलिस-भाजपाइयों में जमकर झड़प
बढ़पुरा ब्लॉक मेें वोट न डालने देने के आरोपों के बीच पुलिस और भाजपाइयों में जमकर झड़प हुई। पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े, फिर हवाई फायरिंग की। इस बीच एक भाजपाई ने एसपी सिटी प्रशांत कुमार को थप्पड़ मार दिया। हालांकि एसएसपी ने कहा कि धक्का-मुक्की हुई है। वीडियो देखकर आरोपियों को पहचाना जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यहां के एक पुलिस अधिकारी का वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें वह किसी को फोन पर बता रहे हैं कि भाजपा के विधायक व जिला अध्यक्ष बम व लाठी-डंडे लेकर आए थे और पुलिस केसाथ मारपीट की।

उन्नाव : भीड़ नहीं संभली तो आग बबूला हो गए सीडीओ
उन्नाव के मियागंज ब्लाक में सीडीओ दिव्यांशु पटेल पर कवरेज के लिए गए एक पत्रकार को पीटने का आरोप लगा है। आरोप है कि लाठी लेकर भीड़ को तितर-बितर करने के दौरान उन्होंने पत्रकार को दौड़ा कर पीटा। आक्रोशित मीडिया कर्मी लखनऊ-बांगरमऊ मार्ग पर ब्लाक कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। डीएम व एसपी ने मनाने की कोशिश की, लेकिन मीडियाकर्मी सीडीओ पर रिपोर्ट दर्ज करने और निलंबन पर अड़े हुए थे।

कानपुर देहात : विधायक पक्ष से विवाद, 50 राउंड फायरिंग
कानपुर देहात के सरवनखेड़ा में भाजपा ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया था। वहां भाजपा से जुड़े अतुल चंदेल की पत्नी उर्वशी सिंह व किदवईनगर कानपुर से विधायक महेश त्रिवेदी की भाभी माया त्रिवेदी चुनाव मैदान में थी। वहां वोट डाले जाने को लेकर हुए विवाद में दोनों पक्षों के बीच करीब 50 राउंड फायरिंग र्हुइं। बीस से अधिक गाड़ियों के शीशे टूट गए।

हाथरस : रोडवेज की बसों समेत कई वाहनों में तोड़फोड़
सिकंदराराऊ में जब सपा और भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के वोट बराबर आ गए तो वहां पथराव और फायरिंग हुई। उपद्रवियों ने जमकर तोड़फोड़ भी की। रोडवेज की कई बसों सहित अन्य वाहनों में तोड़फोड़ की गई। इस दौरान पथराव और फायरिंग में कई लोग घायल हो गए।

प्रतापगढ़ : कैबिनेट मंत्री के क्षेत्र में फर्जी वोटिंग को लेकर बवाल
काबीना मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह ‘मोती सिंह’ के विधानसभा क्षेत्र पट्टी के आसपुर देवसरा ब्लॉक में सपाइयों ने फर्जी वोटिंग का आरोप लगाते हुए पुलिस को दौड़ा लिया। पुलिस पर पथराव किया गया। हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

बाराबंकी : आपस में ही भिड़ गए भाजपाई
बाराबंकी के त्रिवेदीगंज ब्लॉक में बीजेपी ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी और पूर्व बीजेपी नेता के बीच जमकर बवाल हुआ और गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। दोनों ओर से भाजपाई होने के कारण कार्रवाई करने में पुलिस पसोपेश में नजर आई।

सीतापुर : गाड़ी से मिले असलहे, लाठी-डंडे और विस्फोटक
सीतापुर के पहला ब्लॉक क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। यहां  भाजपा प्रत्याशी के समर्थकों की गाड़ी से असलहा, लाठी-डंडे, ज्वलनशील पदार्थ बरामद हुए। पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है।

लखनऊ में 7 पर भाजपा
राजधानी लखनऊ की आठ सीट में से भाजपा ने सात पर जीत दर्ज की है। एक सीट निर्दलीय के हिस्से में आई है। यहां पहली बार सपा का खाता भी नहीं खुला।

14 जिलों में क्लीन स्वीप
लखनऊ, वाराणसी, गाजियाबाद, आगरा, बदायूं, शाहजहांपुर, श्रावस्ती, गौतमबुद्ध नगर, पीलीभीत, कन्नौज, बांदा, महोबा, ललितपुर, सोनभद्र जिलों की सभी क्षेत्र पंचायतों में भाजपा ने चुनाव जीता है।

14 जिलों में क्लीन स्वीप
लखनऊ, वाराणसी, गाजियाबाद, आगरा, बदायूं, शाहजहांपुर, श्रावस्ती, गौतमबुद्ध नगर, पीलीभीत, कन्नौज, बांदा, महोबा, ललितपुर, सोनभद्र जिलों की सभी क्षेत्र पंचायतों में भाजपा ने चुनाव जीता है।

दिग्गजों का हाल…
– गोंडा के रूपईडीह में पूर्व मंत्री पंडित सिंह के छोटो भाई महेश सिंह की पत्नी सपा समर्थित बबिता सिंह जीतीं।
– रायबरेली में सदर विधायक अदिति सिंह की मां व दिवंगत पूर्व विधायक अखिलेश सिंह की पत्नी वैशाली सिंह अमावां ब्लॉक से जीतीं।
– हरचंदपुर में एमएलसी दिनेश सिंह के बेटे पीयूष प्रताप सिंह ब्लॉक प्रमुख चुने गए।
– पूर्व एमएलसी राकेश प्रताप सिंह के पुत्र भाजपा उम्मीदवार हनुमंत सिंह शिवगढ़ ब्लॉक से लॉटरी से जीते।

ये भी गजब है… भाजपा प्रत्याशी को खुद का भी वोट नहीं मिला
अमेठी के भेटुआ ब्लॉक में पूर्व मंत्री आशीष शुक्ल के बेटे आकर्ष जीते, लेकिन उनकी जीत से ज्यादा चर्चा भाजपा उम्मीदवार सचेंद्र प्रताप सिंह के हार की रही। सचेंद्र को एक भी वोट नहीं मिला। वह भी तब, जबकि उन्होंने खुद भी मतदान में हिस्सा लिया। यानी उन्हें खुद का भी वोट नहीं मिला।

अपना दल के 14 में से 9 ब्लाक प्रमुख जीते
अपना दल (एस) केसमर्थन से चुनाव लड़ने वाले 14 में 9 प्रत्याशियों ने ब्लाक प्रमुख पद पर जीत दर्ज की है। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष व केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल और कार्यकारी अध्यक्ष आशीष पटेल ने सभी नव निर्वाचित ब्लाक प्रमुखों को बधाई दी है। यह जानकारी पार्टी के प्रवक्ता राजेश श्रीवास्तव ने दी है। बता दें कि भाजपा से हुए समझौते के आधार पर अपना दल (एस) के हिस्सें में 14 ब्लाक आए थे। इनमें 9 ब्लाक प्रमुख जीते हैं। इनमें म्योरपुर व बभनी (सोनभद्र), पटेहरा कलां (मिर्जापुर), अराजी लाइंस व बड़ागांव (वाराणसी), सैदाबाद (प्रयागराज), अमौली व देवमई (फतेहपुर) और बड़पुर (सिद्धार्थनगर) शामिल हैं।

सपा ने 100 से ज्यादा ब्लॉक प्रमुख जीताने का किया दावा
समाजवादी पार्टी ने 100 से ज्यादा ब्लॉक प्रमुख जीताने का दावा किया है। पार्टी का कहना है कि निर्दल चुनाव जीतने वाले ज्यादातर सपा समर्थक हैं। सपा का आरोप है कि ज्यादातर जगह सपा समर्थित बीडीसी सदस्यों को मतदान में हिस्सा ही नहीं लेने दिया गया। जिला पंचायत में शिकस्त खाने के बाद सपा ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर आशंकित थी। यही वजह है कि लगातार चुनाव आयोग को ज्ञापन दिए गए। शनिवार को सुबह से ही पार्टी के वरिष्ठ नेता जिलेवार स्थिति पर नजर गड़ाए रहे। इस दौरान कई जिलों के जिलाध्यक्ष मतदान से रोकने, मारपीट होने की सूचना देते रहे। पार्टी के वरिष्ठ नेता कभी जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराते रहे तो कहीं पार्टी नेताओं का हौसला बढ़ाते रहे। जिन जिलों में मारपीट में पार्टी के नेता घायल हुए हैं, उनका हालचाल भी लेते रहे। सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि भाजपा ने सत्ता का दुरुपयोग किया है। पार्टी समर्थित बीडीसी, ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशियों का कहीं अपहरण कर लिया गया तो कहीं नजरबंद कर दिया गया।

क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा ने पश्चिम से पूरब तक डंका बजाया है। क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव में अधिकांश जगह अधिकृत तौर पर प्रत्याशी नहीं उतारने के बावजूद 735 क्षेत्र पंचायतों में अध्यक्ष पद का चुनाव लड़कर 648 सीटों पर जीत दर्ज कर भाजपा ने साबित कर दिया है कि वह अब केवल शहरों तक सीमित नहीं बल्कि गांव-गांव तक पार्टी ने पैठ जमा ली है। जिला पंचायत अध्यक्ष के बाद क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा को मिली एक तरफा बढ़त ने विधानसभा चुनाव 2022 के लिए पार्टी में ऊर्जा का संचार किया है वहीं विपक्षी दलों के तमाम आरोप-प्रत्यारोप और दावों की हवा निकाल दी है।

प्रदेश के पश्चिम और ब्रज क्षेत्र में सपा-रालोद गठबंधन सबसे ज्यादा प्रभावी है। वहीं कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन ने भी पश्चिम व ब्रज के जिलों तक की सीमित रहा। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की तुलना में क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष चुनाव को ज्यादा जमीनी माना जाता है। इस चुनाव में भी भाजपा ने पश्चिम और ब्रज में उम्मीद से अच्छा प्रदर्शन किया है।  पश्चिम में 109 ब्लॉक में से भाजपा ने 85 ब्लॉकों में चुनाव जीता है। वहीं  ब्रज में भी  129 में से 112 ब्लॉक में भाजपा के प्रत्याशी ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित हुए हैं।  173 में से 136 ब्लॉक में जीत दर्ज कर भाजपा ने अवध में भी दबदबा कायम रखा है। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में पार्टी की जीत का सिलसिला जारी रहा है, यहां 110 में से 90 सीटों पर जीत हासिल की है।  सुभासपा सहित अन्य छोटे दलों और बाहुबली नेताओं के प्रभाव वाले काशी क्षेत्र में भी पार्टी ने 157 में से 109 सीटें जीती है। वहीं गोरखपुर क्षेत्र में 147 में 116 सीटों पर जीत दर्ज कर अपना प्रभाव कायम रखा है।

सपा का प्रदर्शन भी रहा बेहतर
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की तुलना में क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सपा का प्रदर्शन बेहतर रहा है।  उधर, सपा ने अवध में सबसे अधिक 24 सीटें जीती है। काशी क्षेत्र में 21, गोरखपुर क्षेत्र में 18, कानपुर-बुंदेलखंड मे 12, ब्रज में 9 और पश्चिम क्षेत्र में सबसे कम 8 सीटें जीती है। हालांकि अवध में सपा की सहयोगी रालोद को भी कुछ सीटों पर जीत मिली है।

युवाओं के हाथ रही कमान
भाजपा ने जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की कमान युवाओं के हाथ रही। अवध क्षेत्र में महामंत्री अमरपाल मौर्य, काशी क्षेत्र में कन्नौज के सांसद और महामंत्री सुब्रत पाठक, कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में महामंत्री एवं पूर्व सांसद प्रियंका रावत, गोरखपुर क्षेत्र में महामंत्री अनूप गुप्ता, ब्रज में अश्विनी त्यागी के हाथ कमान रही। वहीं पश्चिम क्षेत्र के साथ पूरे चुनाव की कमान प्रदेश महामंत्री जेपीएस राठौर के साथ रही।

नोट- यह आंकड़े भाजपा की ओर से जारी हैं।
क्षेत्र                      जिला        ब्लॉक               भाजपा        सपा        अन्य
पश्चिम        –    14    –    109    –    85    –    8    –    16    
ब्रज        –    12    –    129    –    112    –    9    –    8
कानपुर-बुंदेलखंड    – 14    –    110    –    90    –    12    –    5
अवध    –        13    –    173    –    136    –    24    –    13
काशी        –    12        -157    –    109    –    21    –    27
गोरखपुर     –    10    –    147    –    116    –    18    –    13
योग         –    75    –    825    –    648    –    92    –    85

कुल क्षेत्र पंचायत – 826
चुनाव हुआ – 825
निर्विरोध निर्वाचन – 349
भाजपा के निर्विरोध निर्वाचित ब्लॉक प्रमुख – 334
सपा सहित अन्य दलों के निर्विरोध निर्वाचित ब्लॉक प्रमुख – 15
शनिवार को हुआ मतदान – 476
भाजपा को मिली जीत – 314

 

जिला    भाजपा    सपा    अन्य
लखनऊ    07    00    01        
बाराबंकी    09    04    02    
बहराइच    12    00    02    
बलरामपुर    08    00    01    
गोंडा    14    01    00    
रायबरेली    11    02    05    
अमेठी    05    02    06    
अयोध्या    09    01    01        
सीतापुर    15    03    01
श्रावस्ती    05    00    00
अंबेडकरनगर    04    02    03    
सुल्तानपुर    11    01    02     
आगरा    15    00    00    
मथुरा    04    00    06
फिरोजाबाद    04    00    02
मैनपुरी    06    01    02
एटा    01    02    00
कासगंज 05    01    01
प्रयागराज    10    10    03
प्रतापगढ़    07    00    10
कौशांबी    02    02    04
बरेली    11    03    01
लखीमपुर खीरी    11    03    01
शाहजहांपुर    05    00    00
बदायूं    15    00    00
पीलीभीत    04    00    03
गाजियाबाद    04    00    00
बुलंदशहर    11    01    04
हापुड़    03    01    00
गौतमबुद्ध नगर    04    00    00
गोरखपुर    18    00    02
सिद्धार्थनगर    10    02    02
संतकबीरनगर    06    01    02
बस्ती    12    01    01
देवरिया    12    02    02
महराजगंज    10    01    01    
कुशीनगर    12    02    00
अलीगढ़    10    00    02
हाथरस    03    01    03
झांसी    03    01    02
ललितपुर 06    00    00
कानपुर सिटी    07    03    00    
कानपुर देहात    09    01    00
फतेहपुर    12    01    00
बांदा    08    00    00
चित्रकूट    05    00    00
हमीरपुर    06    01    00
महोबा    04    00    00
जालौन    06    00    03
इटावा    01    04    03
औरैया    05    01    01
कन्नौज    08    00    00
फर्रुखाबाद    05    00    02
हरदोई    15    01    03
उन्नाव    08    03    05
मेरठ    11    00    03
बागपत    03    00    03
शामली    04    00    01
बिजनौर    10    00    01
मुजफ्फरनगर    07    01    01
सहारनपुर 08    00    03
मुरादाबाद    06    01    01
रामपुर    05    00    01
अमरोहा    03    02    01
संभल    04    03    01
वाराणसी    06    00    02
बलिया    08    04    05
मऊ    05    01    03
गाजीपुर    11    04    01
आजमगढ़    11    04    07
सोनभद्र    08    00    02
जौनपुर    14    02    05
मिर्जापुर    09    00    01
भदोही    03    00    03
चंदौली    08    01    00


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