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कैबिनेट बैठक: पीएम मोदी ने बताई पुराने मंत्रियों को हटाने की वजह, नए मंत्रियों को दी यह सलाह

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 08 Jul 2021 10:13 PM IST

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट की बैठक के दौरान साफ किया कि पुराने मंत्रियों को हटाने के पीछे उनकी क्षमता का कोई संबंध नहीं है। बल्कि ऐसा व्यवस्था के चलते किया गया है। 

प्रधानमंत्री मोदी
– फोटो : वीडियो स्क्रीनग्रैब

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बुधवार को बड़े फेरबदल के बाद गुरुवार को नए केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में किसानों और कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर से निपटने को लेकर बड़े फैसले लिए गए। वहीं, प्रधानमंत्री ने रविशंकर प्रसाद, हर्षवर्धन और रमेश पोखरियाल निशंक जैसे नेताओं को हटाने के पीछे की वजह भी बताई।

जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट की बैठक के दौरान कहा कि ये मंत्री व्यवस्था के चलते पद से हटाए गए हैं। उन्होंने साफ किया कि उनकी क्षमता से इस फैसले का कोई संबंध नहीं है। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि नए मंत्री अपने पूर्ववर्तियों से मिलें और उनके अनुभवों से सीख लें।

अभी तक माना जा रहा था कि इन मंत्रियों का इस्तीफा इनके लचर प्रदर्शन की वजह से लिया गया है। लेकिन, शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में मोदी ने इसे लेकर कयासों को लगाम दी और खुद स्पष्ट कर दिया कि कैबिनेट में फेरबदल किसी की क्षमता के आधार पर नहीं बल्कि व्यवस्था के आधार पर किया गया है।

वहीं, बैठक के बाद पीएम ने ट्वीट कर कहा, ‘कोरोना के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत बनाने के लिए 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक के नए पैकेज को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देश के सभी जिलों में पीडियाट्रिक केयर यूनिट से लेकर आईसीयू बेड, ऑक्सीजन स्टोरेज, एंबुलेंस और दवाओं जैसे इंतजाम किए जाएंगे।’
 
मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 23,123 करोड़ रुपये की एक नई योजना ‘भारत कोविड-19 आपात प्रतिक्रिया और स्वास्थ्य प्रणाली तैयारी पैकेज- चरण 2’ को स्वीकृति दी। इसका उद्देश्य बाल चिकित्सा देखभाल सहित स्वास्थ्य इन्फ्रा का विकास और शुरुआती रोकथाम और प्रबंधन के लिए तैयारियों में तेजी लाना है।

बता दें कि केंद्र सरकार इससे पहले देश भर में कोविड समर्पित अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने के लिए 15000 करोड़ रुपये दे चुकी है।

विस्तार

बुधवार को बड़े फेरबदल के बाद गुरुवार को नए केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में किसानों और कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर से निपटने को लेकर बड़े फैसले लिए गए। वहीं, प्रधानमंत्री ने रविशंकर प्रसाद, हर्षवर्धन और रमेश पोखरियाल निशंक जैसे नेताओं को हटाने के पीछे की वजह भी बताई।

जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट की बैठक के दौरान कहा कि ये मंत्री व्यवस्था के चलते पद से हटाए गए हैं। उन्होंने साफ किया कि उनकी क्षमता से इस फैसले का कोई संबंध नहीं है। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि नए मंत्री अपने पूर्ववर्तियों से मिलें और उनके अनुभवों से सीख लें।

अभी तक माना जा रहा था कि इन मंत्रियों का इस्तीफा इनके लचर प्रदर्शन की वजह से लिया गया है। लेकिन, शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में मोदी ने इसे लेकर कयासों को लगाम दी और खुद स्पष्ट कर दिया कि कैबिनेट में फेरबदल किसी की क्षमता के आधार पर नहीं बल्कि व्यवस्था के आधार पर किया गया है।

वहीं, बैठक के बाद पीएम ने ट्वीट कर कहा, ‘कोरोना के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत बनाने के लिए 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक के नए पैकेज को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देश के सभी जिलों में पीडियाट्रिक केयर यूनिट से लेकर आईसीयू बेड, ऑक्सीजन स्टोरेज, एंबुलेंस और दवाओं जैसे इंतजाम किए जाएंगे।’

 

मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 23,123 करोड़ रुपये की एक नई योजना ‘भारत कोविड-19 आपात प्रतिक्रिया और स्वास्थ्य प्रणाली तैयारी पैकेज- चरण 2’ को स्वीकृति दी। इसका उद्देश्य बाल चिकित्सा देखभाल सहित स्वास्थ्य इन्फ्रा का विकास और शुरुआती रोकथाम और प्रबंधन के लिए तैयारियों में तेजी लाना है।

बता दें कि केंद्र सरकार इससे पहले देश भर में कोविड समर्पित अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने के लिए 15000 करोड़ रुपये दे चुकी है।


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